
मुहूर्त
हर अवसर का मुहूर्त
विवाह, गृह प्रवेश, मुण्डन, यात्रा, पूजा और अधिक: हर महीने के शुभ दिन, उनके भीतर के समय और कारण, आपके शहर के लिए।
विवाह — पाणिग्रहण
ध्रुव दिन — जो सबसे अधिक टिकने के लिए है — और वे चार विराम जो सारा भारत मानता है।
गृह प्रवेश — नए घर में प्रवेश
ध्रुव दिन। जिस घर में प्रवेश हो, उसमें रहना होता है।
मुण्डन — शिशु का प्रथम केश-कर्म
मृदु दिन। शिशु के साथ जो किया जाता है, वह कोमल नक्षत्र में किया जाता है।
यात्रा — प्रस्थान
चर दिन। परम्परा यात्री को उस नक्षत्र में भेजती है जो स्वयं चलता है।
पूजा — अर्चना
क्षिप्र दिन। परम्परा ऐसा आरम्भ माँगती है जो चले।
हवन — अग्नि-कर्म
वही क्षिप्र दिन, और ऐसा वार जिसमें अग्नि अपने घर हो।
संस्कार
शुभ दिन का सामान्य आकार। मुण्डन और शिशु के प्रथम बाहर-गमन के लिए वेदौम् के पास परम्परा का विशेष पाठ है; उनके लिए वही चुनिए।
विदाई — वधू का नए घर की ओर प्रस्थान
चर दिन। वह कहीं जा रही है, और आकाश से भी चलते रहने को कहा जाता है।
निष्क्रमण — शिशु का प्रथम बाहर-गमन
कोमल और चलता हुआ दिन — शिशु पहली बार बाहर ले जाया जा रहा है।