Lamps lit in a row at dusk.

मुहूर्त

हवन — अग्नि-कर्म: फ़रवरी 2027

दिल्ली के लिए शुभ दिन और समय, वास्तविक आकाश से सबके लिए गणना किए गए। आपके परिवार की अपनी कुण्डलियाँ इन्हें और सूक्ष्म करती हैं।

3 शुभ दिन

  • 11 फ़रवरी 2027

    रेवती · गुरुवार

    रेवती मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:31 – 06:15ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 16:44 – 18:12अमृत · शुभकर्क लग्न
    • 21:21 – 22:45शुभकन्या लग्न
    • 03:48 – 05:27अमृत · लाभधनु लग्न12 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 05:27 – 07:02अमृतमकर लग्न12 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 25 फ़रवरी 2027

    चित्रा · गुरुवार

    चित्रा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:14 – 06:02ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 12:42 – 14:00लाभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
    • 16:52 – 17:17शुभकर्क लग्न
    • 21:26 – 21:50शुभकन्या लग्न
    • 21:50 – 22:59शुभतुला लग्न
    • 03:41 – 04:32लाभधनु लग्न26 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 04:32 – 06:14अमृत · लाभमकर लग्न26 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 28 फ़रवरी 2027

    अनुराधा · रविवार

    अनुराधा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    रविवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:11 – 05:59ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 09:40 – 10:34लाभमेष लग्न
    • 14:00 – 14:44शुभमिथुन लग्न
    • 14:44 – 15:27शुभकर्क लग्न
    • 19:22 – 19:53शुभकन्या लग्न
    • 02:16 – 03:40अमृतधनु लग्न1 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 05:13 – 06:02शुभमकर लग्न1 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है

यह सामान्य पाठ है — आपके स्थान के लिए पंचांग का उत्तर। अपनी कुण्डली बनाइए और यह आपका हो जाएगा: चन्द्रमा आपके अपने जन्म-नक्षत्र और जन्म-राशि से कितनी दूर है, यह उसका आधा है जो पुरोहित तौलते हैं।

हर वेला कोई शुभ चौघड़िया अथवा मुहूर्त है, जिसमें से राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काट दिए गए हैं, और केवल वहीं रखी गई है जहाँ उदित राशि आपके आरम्भ के अनुकूल हो। 24 मिनट से छोटी कोई वेला नहीं दी जाती, क्योंकि मुहूर्त शास्त्रतः अड़तालीस मिनट का होता है।

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