
मुहूर्त
पूजा — अर्चना: जनवरी 2027
5 शुभ दिन
4 जनवरी 2027
अनुराधा · सोमवार
अनुराधा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।
सोमवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:57 – 06:26ब्रह्म मुहूर्तधनु लग्न
- 07:14 – 08:01अमृतधनु लग्न
- 08:01 – 08:32अमृतमकर लग्न
- 16:06 – 17:37अमृत · लाभमिथुन लग्न
- 19:19 – 20:41लाभकर्क लग्न
- 00:26 – 01:15शुभकन्या लग्न5 जनवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
- 01:15 – 02:08शुभतुला लग्न5 जनवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
14 जनवरी 2027
उत्तर भाद्रपद · गुरुवार
उत्तर भाद्रपद ध्रुव नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग उसे देती है जो टिकने के लिए हो।
गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:39 – 06:27ब्रह्म मुहूर्तधनु लग्न
- 12:09 – 13:31लाभ · अभिजित् मुहूर्तमेष लग्न
- 16:26 – 17:41शुभमिथुन लग्न
- 17:41 – 19:26अमृत · शुभकर्क लग्न
- 22:19 – 22:48शुभकन्या लग्न
- 05:14 – 07:15अमृत · लाभधनु लग्न15 जनवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
15 जनवरी 2027
रेवती · शुक्रवार
रेवती मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।
शुक्रवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:39 – 06:27ब्रह्म मुहूर्तधनु लग्न
- 10:27 – 11:11अमृतमीन लग्न
- 12:30 – 13:28शुभ · अभिजित् मुहूर्तमेष लग्न
- 22:49 – 00:31अमृत · लाभकन्या लग्न
- 00:31 – 02:11अमृततुला लग्न16 जनवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
- 05:09 – 05:33शुभधनु लग्न16 जनवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
20 जनवरी 2027
मृगशिरा · बुधवार
मृगशिरा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।
बुधवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:38 – 06:26ब्रह्म मुहूर्तधनु लग्न
- 07:14 – 08:33लाभमकर लग्न
- 16:30 – 17:18लाभमिथुन लग्न
- 17:18 – 17:50लाभकर्क लग्न
- 21:56 – 00:12अमृत · लाभकन्या लग्न
27 जनवरी 2027
हस्त · बुधवार
हस्त क्षिप्र नक्षत्र है — हल्का, शीघ्र, आरम्भ के लिए बना।
बुधवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:35 – 06:23ब्रह्म मुहूर्तधनु लग्न
- 07:11 – 08:12लाभमकर लग्न
- 16:50 – 17:55लाभकर्क लग्न
- 21:28 – 23:44अमृत · लाभकन्या लग्न
- 23:44 – 00:33अमृततुला लग्न
यह सामान्य पाठ है — आपके स्थान के लिए पंचांग का उत्तर। अपनी कुण्डली बनाइए और यह आपका हो जाएगा: चन्द्रमा आपके अपने जन्म-नक्षत्र और जन्म-राशि से कितनी दूर है, यह उसका आधा है जो पुरोहित तौलते हैं।
हर वेला कोई शुभ चौघड़िया अथवा मुहूर्त है, जिसमें से राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काट दिए गए हैं, और केवल वहीं रखी गई है जहाँ उदित राशि आपके आरम्भ के अनुकूल हो। 24 मिनट से छोटी कोई वेला नहीं दी जाती, क्योंकि मुहूर्त शास्त्रतः अड़तालीस मिनट का होता है।