Lamps lit in a row at dusk.

मुहूर्त

यात्रा — प्रस्थान: फ़रवरी 2027

दिल्ली के लिए शुभ दिन और समय, वास्तविक आकाश से सबके लिए गणना किए गए। आपके परिवार की अपनी कुण्डलियाँ इन्हें और सूक्ष्म करती हैं।

7 शुभ दिन

  • 8 फ़रवरी 2027

    शतभिषा · सोमवार

    शतभिषा चर नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग प्रस्थान को देती है।

    सोमवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:43 – 06:17ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 09:50 – 10:18शुभमीन लग्न
    • 10:18 – 11:12शुभमेष लग्न
    • 15:20 – 16:03लाभमिथुन लग्न
    • 16:03 – 18:05अमृत · लाभकर्क लग्न
    • 20:41 – 22:57अमृत · लाभकन्या लग्न
    • 00:35 – 01:17शुभतुला लग्न9 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 11 फ़रवरी 2027

    रेवती · गुरुवार

    रेवती मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:31 – 06:15ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 16:44 – 18:12अमृत · शुभकर्क लग्न
    • 21:21 – 22:45शुभकन्या लग्न
    • 03:48 – 05:27अमृत · लाभधनु लग्न12 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 05:27 – 07:02अमृतमकर लग्न12 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 12 फ़रवरी 2027

    अश्विनी · शुक्रवार

    अश्विनी क्षिप्र नक्षत्र है — हल्का, शीघ्र, आरम्भ के लिए बना।

    शुक्रवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:27 – 06:14ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 10:02 – 11:12अमृतमेष लग्न
    • 13:33 – 13:58शुभमिथुन लग्न
    • 22:58 – 01:01अमृत · लाभतुला लग्न
    • 03:48 – 05:23शुभधनु लग्न13 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 18 फ़रवरी 2027

    पुनर्वसु · गुरुवार

    पुनर्वसु चर नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग प्रस्थान को देती है।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:21 – 06:09ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 13:09 – 13:59लाभमिथुन लग्न
    • 16:48 – 17:44शुभकर्क लग्न
    • 21:24 – 22:18शुभकन्या लग्न
    • 22:18 – 22:59शुभतुला लग्न
    • 03:45 – 05:00लाभधनु लग्न19 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 05:00 – 06:42अमृत · लाभमकर लग्न19 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 19 फ़रवरी 2027

    पुष्य · शुक्रवार

    पुष्य क्षिप्र नक्षत्र है — हल्का, शीघ्र, आरम्भ के लिए बना।

    शुक्रवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:20 – 06:08ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 09:45 – 11:10अमृतमेष लग्न
    • 13:05 – 13:59शुभमिथुन लग्न
    • 22:59 – 00:33लाभतुला लग्न
    • 03:45 – 04:56शुभधनु लग्न20 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 04:56 – 05:20शुभमकर लग्न20 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 25 फ़रवरी 2027

    चित्रा · गुरुवार

    चित्रा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:14 – 06:02ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 12:42 – 14:00लाभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
    • 16:52 – 17:17शुभकर्क लग्न
    • 21:26 – 21:50शुभकन्या लग्न
    • 21:50 – 22:59शुभतुला लग्न
    • 03:41 – 04:32लाभधनु लग्न26 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 04:32 – 06:14अमृत · लाभमकर लग्न26 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 26 फ़रवरी 2027

    स्वाति · शुक्रवार

    स्वाति चर नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग प्रस्थान को देती है।

    शुक्रवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 05:13 – 06:01ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
    • 09:42 – 10:42अमृतमेष लग्न
    • 12:38 – 14:00शुभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
    • 23:00 – 00:06लाभतुला लग्न
    • 03:41 – 04:28शुभधनु लग्न27 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 04:28 – 05:15शुभमकर लग्न27 फ़रवरी 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है

यह सामान्य पाठ है — आपके स्थान के लिए पंचांग का उत्तर। अपनी कुण्डली बनाइए और यह आपका हो जाएगा: चन्द्रमा आपके अपने जन्म-नक्षत्र और जन्म-राशि से कितनी दूर है, यह उसका आधा है जो पुरोहित तौलते हैं।

हर वेला कोई शुभ चौघड़िया अथवा मुहूर्त है, जिसमें से राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काट दिए गए हैं, और केवल वहीं रखी गई है जहाँ उदित राशि आपके आरम्भ के अनुकूल हो। 24 मिनट से छोटी कोई वेला नहीं दी जाती, क्योंकि मुहूर्त शास्त्रतः अड़तालीस मिनट का होता है।

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