
मुहूर्त
यात्रा — प्रस्थान: मार्च 2027
5 शुभ दिन
5 मार्च 2027
श्रवण · शुक्रवार
श्रवण चर नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग प्रस्थान को देती है।
शुक्रवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:06 – 05:47ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
- 09:37 – 10:15अमृतमेष लग्न
- 12:32 – 14:00शुभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
- 23:00 – 23:38लाभतुला लग्न
- 03:36 – 04:01शुभधनु लग्न6 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
- 04:01 – 05:09शुभमकर लग्न6 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
8 मार्च 2027
शतभिषा · सोमवार
शतभिषा चर नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग प्रस्थान को देती है।
सोमवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:03 – 05:35ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
- 07:03 – 08:07अमृतमीन लग्न
- 09:35 – 10:03शुभमेष लग्न
- 12:32 – 12:55अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
- 15:28 – 16:33लाभकर्क लग्न
- 19:56 – 21:07लाभकन्या लग्न
- 21:07 – 23:00अमृत · लाभतुला लग्न
11 मार्च 2027
रेवती · गुरुवार
रेवती मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।
गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 05:00 – 05:24ब्रह्म मुहूर्तमकर लग्न
- 12:07 – 14:00लाभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
- 18:39 – 19:57अमृतकन्या लग्न
- 21:28 – 22:59शुभतुला लग्न
- 03:37 – 05:19अमृत · लाभमकर लग्न12 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
18 मार्च 2027
पुष्य · गुरुवार
पुष्य क्षिप्र नक्षत्र है — हल्का, शीघ्र, आरम्भ के लिए बना।
गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 12:05 – 13:34लाभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
- 13:34 – 13:59लाभकर्क लग्न
- 18:11 – 20:00अमृत · शुभकन्या लग्न
- 21:30 – 22:47शुभतुला लग्न
- 03:27 – 04:52लाभमकर लग्न19 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
24 मार्च 2027
चित्रा · बुधवार
चित्रा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।
बुधवार · रिक्ता तिथि नहीं
इस दिन की वेलाएँ
- 06:21 – 07:25लाभमीन लग्न
- 07:25 – 07:52लाभमेष लग्न
- 17:48 – 18:34लाभकन्या लग्न
- 21:30 – 22:23लाभतुला लग्न
- 01:55 – 02:46शुभधनु लग्न25 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
- 02:46 – 03:23शुभमकर लग्न25 मार्च 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
यह सामान्य पाठ है — आपके स्थान के लिए पंचांग का उत्तर। अपनी कुण्डली बनाइए और यह आपका हो जाएगा: चन्द्रमा आपके अपने जन्म-नक्षत्र और जन्म-राशि से कितनी दूर है, यह उसका आधा है जो पुरोहित तौलते हैं।
हर वेला कोई शुभ चौघड़िया अथवा मुहूर्त है, जिसमें से राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काट दिए गए हैं, और केवल वहीं रखी गई है जहाँ उदित राशि आपके आरम्भ के अनुकूल हो। 24 मिनट से छोटी कोई वेला नहीं दी जाती, क्योंकि मुहूर्त शास्त्रतः अड़तालीस मिनट का होता है।