
मासिक राशिफल
वृश्चिक: अक्टूबर 2027
यह महीना, एक पंक्ति में
शनि मेष में हैं, चन्द्रमा से आपके षष्ठ भाव में। मंद ग्रहों में यही एक ऐसे भाव में खड़ा है जिसे परम्परा देने वाला नहीं, माँगने वाला मानती है।
यह महीना आपके लिए क्या खोलता है
यह हर उस काम के अनुकूल है जो जुड़ता चला जाए। मरम्मत, ऋण-चुकौती, अधूरा पड़ा काम, वह साधना जो तीव्रता से नहीं, नित्यता से की जाए। शनि के नीचे किया गया काम टिकता है — दस वर्ष बाद भी जो खड़ा मिले, उसे बनाने की यही सर्वोत्तम ऋतु है।
आपके श्रेष्ठ दिन
- ✦ कुछ नया आरम्भ करने के लिए अच्छे: 1 अक्टू॰, 9 अक्टू॰ – 10 अक्टू॰, 16 अक्टू॰ – 17 अक्टू॰, 25 अक्टू॰ – 28 अक्टू॰
- ☾ सरल और भीतर की ओर रखिए: 2 अक्टू॰ – 3 अक्टू॰, 20 अक्टू॰ – 22 अक्टू॰, 29 अक्टू॰ – 30 अक्टू॰
प्रकाश कहाँ पड़ता है
- 1 अक्टू॰ – 17 अक्टू॰: सूर्य आपके एकादश भाव को प्रकाशित करता है, लाभ, विस्तृत मण्डल, जो आप तक लौटकर आता है।
- 18 अक्टू॰ – 31 अक्टू॰: सूर्य आपके द्वादश भाव को प्रकाशित करता है, विसर्जन, एकान्त, जो आप दे देते हैं, और मोक्ष।
महीने के मोड़
- 3 अक्टू॰शुक्र तुला में प्रवेश करते हैं, आपके द्वादश भाव में: विसर्जन, एकान्त, जो आप दे देते हैं, और मोक्ष।
- 7 अक्टू॰बुध तुला में वक्री होते हैं, आपके द्वादश भाव में। वहाँ जो खुला है उसे फिर देखिए, जाँचिए और पूरा कीजिए।
- 8 अक्टू॰मंगल वृश्चिक में प्रवेश करते हैं, आपके प्रथम भाव में: देह, और वह स्वरूप जिसमें आप आए।
- 15 अक्टू॰पूर्णिमा, मीन में, आपके पंचम भाव में। पूरा करने और कृतज्ञता का समय।
- 20 अक्टू॰शनि मीन में प्रवेश करते हैं, आपके पंचम भाव में: बुद्धि, सन्तान, पूर्व-पुण्य — जो आप साथ लाए।
- 21 अक्टू॰बुध कन्या में प्रवेश करते हैं, आपके एकादश भाव में: लाभ, विस्तृत मण्डल, जो आप तक लौटकर आता है।
- 27 अक्टू॰शुक्र वृश्चिक में प्रवेश करते हैं, आपके प्रथम भाव में: देह, और वह स्वरूप जिसमें आप आए।
- 28 अक्टू॰बुध कन्या में फिर मार्गी होते हैं, आपके एकादश भाव में। वहाँ जो रुका था वह आगे बढ़ सकता है।
- 29 अक्टू॰अमावस्या का क्षण: सूर्य और चन्द्रमा तुला में मिलते हैं, आपके द्वादश भाव में। शान्त आरम्भ इसे भाता है।
इस महीने आपका कर्म
एक ऐसा दायित्व चुनिए जिसे आप ठीक से नहीं निभा रहे थे, और इसी सप्ताह उसे ठीक से निभाइए — बड़ा वाला नहीं, वह छोटा जिसे आप बार-बार टालते हैं।
एक संकल्प लीजिए — व्रत शनि का अपना साधन है →यह निरीक्षण है, भविष्यवाणी नहीं। महीने में सूर्य की चाल, बाकी ग्रहों के मोड़ और सूर्य-चन्द्र के दो मिलन पढ़े जाते हैं, हर एक वृश्चिक चन्द्र-राशि से गिना गया। यह उस राशि में जन्मे हर व्यक्ति का एक ही आकाश है; आपकी अपनी कुण्डली कहीं अधिक कहती है।