Lamps lit in a row at dusk.

मुहूर्त

पूजा — अर्चना: अप्रैल 2027

दिल्ली के लिए शुभ दिन और समय, वास्तविक आकाश से सबके लिए गणना किए गए। आपके परिवार की अपनी कुण्डलियाँ इन्हें और सूक्ष्म करती हैं।

7 शुभ दिन

  • 1 अप्रैल 2027

    उत्तराषाढ़ा · गुरुवार

    उत्तराषाढ़ा ध्रुव नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग उसे देती है जो टिकने के लिए हो।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 12:00 PM – 12:39 PMलाभ · अभिजित् मुहूर्तमिथुन लग्न
    • 12:39 PM – 1:58 PMलाभ · अभिजित् मुहूर्तकर्क लग्न
    • 5:16 PM – 7:32 PMअमृत · शुभकन्या लग्न
    • 7:32 PM – 8:05 PMअमृततुला लग्न
    • 3:17 AM – 3:57 AMलाभमकर लग्न2 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 5:24 AM – 6:10 AMअमृतमीन लग्न2 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 7 अप्रैल 2027

    रेवती · बुधवार

    रेवती मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    बुधवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 6:05 AM – 6:30 AMलाभमीन लग्न
    • 6:30 AM – 7:39 AMलाभमेष लग्न
    • 5:07 PM – 6:42 PMलाभकन्या लग्न
    • 11:47 PM – 12:23 AMअमृतधनु लग्न
    • 1:51 AM – 3:13 AMशुभमकर लग्न8 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 8 अप्रैल 2027

    अश्विनी · गुरुवार

    अश्विनी क्षिप्र नक्षत्र है — हल्का, शीघ्र, आरम्भ के लिए बना।

    गुरुवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 12:11 PM – 1:58 PMलाभ · अभिजित् मुहूर्तकर्क लग्न
    • 5:07 PM – 7:05 PMअमृत · शुभकन्या लग्न
    • 7:05 PM – 8:07 PMअमृततुला लग्न
    • 4:57 AM – 6:02 AMअमृतमीन लग्न9 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 12 अप्रैल 2027

    मृगशिरा · सोमवार

    मृगशिरा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    सोमवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 4:45 AM – 5:11 AMब्रह्म मुहूर्तमीन लग्न
    • 6:10 AM – 7:35 AMअमृतमेष लग्न
    • 9:41 AM – 10:46 AMशुभमिथुन लग्न
    • 12:22 PM – 12:47 PMअभिजित् मुहूर्तकर्क लग्न
    • 4:33 PM – 6:45 PMअमृत · लाभकन्या लग्न
    • 8:09 PM – 9:09 PMलाभतुला लग्न
    • 12:21 AM – 1:31 AMशुभधनु लग्न13 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 19 अप्रैल 2027

    हस्त · सोमवार

    हस्त क्षिप्र नक्षत्र है — हल्का, शीघ्र, आरम्भ के लिए बना।

    सोमवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 4:18 AM – 5:04 AMब्रह्म मुहूर्तमीन लग्न
    • 5:52 AM – 7:18 AMअमृतमेष लग्न
    • 9:13 AM – 10:43 AMशुभमिथुन लग्न
    • 12:20 PM – 12:46 PMअभिजित् मुहूर्तकर्क लग्न
    • 4:05 PM – 6:22 PMअमृत · लाभकन्या लग्न
    • 6:22 PM – 6:49 PMअमृततुला लग्न
    • 8:11 PM – 8:41 PMलाभतुला लग्न
    • 12:20 AM – 1:04 AMशुभधनु लग्न20 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 1:04 AM – 1:42 AMशुभमकर लग्न20 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 23 अप्रैल 2027

    अनुराधा · शुक्रवार

    अनुराधा मृदु नक्षत्र है — शिशु अथवा अतिथि के साथ जो किया जाए, उसके लिए पर्याप्त कोमल।

    शुक्रवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 4:12 AM – 5:00 AMब्रह्म मुहूर्तमीन लग्न
    • 9:04 AM – 10:41 AMअमृतमिथुन लग्न
    • 12:19 PM – 1:33 PMशुभ · अभिजित् मुहूर्तकर्क लग्न
    • 10:57 PM – 12:48 AMअमृत · लाभधनु लग्न
    • 12:48 AM – 1:41 AMअमृतमकर लग्न24 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
    • 3:58 AM – 4:25 AMशुभमीन लग्न24 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है
  • 28 अप्रैल 2027

    उत्तराषाढ़ा · बुधवार

    उत्तराषाढ़ा ध्रुव नक्षत्र है — परम्परा यह वर्ग उसे देती है जो टिकने के लिए हो।

    बुधवार · रिक्ता तिथि नहीं

    इस दिन की वेलाएँ

    • 4:07 AM – 4:55 AMब्रह्म मुहूर्तमीन लग्न
    • 5:43 AM – 6:43 AMलाभमेष लग्न
    • 5:15 PM – 5:46 PMलाभकन्या लग्न
    • 5:46 PM – 6:54 PMलाभतुला लग्न
    • 10:24 PM – 12:18 AMअमृत · लाभधनु लग्न
    • 1:39 AM – 2:11 AMशुभमकर लग्न29 अप्रैल 2027 को, इसी दिन की रात — वार सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है

यह सामान्य पाठ है — आपके स्थान के लिए पंचांग का उत्तर। अपनी कुण्डली बनाइए और यह आपका हो जाएगा: चन्द्रमा आपके अपने जन्म-नक्षत्र और जन्म-राशि से कितनी दूर है, यह उसका आधा है जो पुरोहित तौलते हैं।

हर वेला कोई शुभ चौघड़िया अथवा मुहूर्त है, जिसमें से राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काट दिए गए हैं, और केवल वहीं रखी गई है जहाँ उदित राशि आपके आरम्भ के अनुकूल हो। 24 मिनट से छोटी कोई वेला नहीं दी जाती, क्योंकि मुहूर्त शास्त्रतः अड़तालीस मिनट का होता है।